2019 का बदला लेने उतरेगी टीम इंडिया! India vs New Zealand Final में आंकड़े किसके साथ? (Head-to-Head Records)

India vs New Zealand

India vs New Zealand 10 जुलाई 2019… मैनचेस्टर का वो मैदान, बारिश के बाद का वो मनहूस दिन, और महेंद्र सिंह धोनी का वो रन आउट। शायद ही कोई सच्चा भारतीय क्रिकेट फैन उस दिन को भूल पाया हो। जब धोनी क्रीज से कुछ इंच दूर रह गए थे, तो सिर्फ एक विकेट नहीं गिरा था, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी टूट गया था। उस दर्द के पीछे जो टीम थी, वो थी—न्यूजीलैंड (New Zealand)।

क्रिकेट का पहिया एक बार फिर घूमकर वहीं आ गया है। टीम इंडिया फाइनल में पहुंच चुकी है, और सामने एक बार फिर वही ‘ब्लैक कैप्स’ (Black Caps) यानी न्यूज़ीलैंड की टीम खड़ी है। (बता दें कि स्पोर्ट्स और क्रिकेट की दुनिया में न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ियों को उनके राष्ट्रीय पक्षी के नाम पर अक्सर ‘कीवी’ या ‘कीवियों’ की टीम भी कहा जाता है)। लेकिन इस बार मैदान इंग्लैंड का नहीं, बल्कि भारत का सबसे बड़ा ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ (अहमदाबाद) है। इस बार दर्शक उनके नहीं, हमारे होंगे।

पूरा देश इस मैच को सिर्फ एक फाइनल की तरह नहीं, बल्कि 2019 WC revenge (2019 वर्ल्ड कप के बदले) के रूप में देख रहा है। लेकिन फाइनल जैसे महामुकाबले में सिर्फ जज्बात काम नहीं आते, आंकड़े और इतिहास भी बहुत मायने रखते हैं। आइए इस खास रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि India vs New Zealand head to head रिकॉर्ड्स क्या कहते हैं, नॉकआउट मैचों का इतिहास कितना डरावना है, और क्यों इस बार रोहित शर्मा की सेना कीवियों को कुचलने के लिए सबसे बड़ी फेवरेट मानी जा रही है।

1. नॉकआउट का वो दर्द: 2019 और 2021 की कसक (The History of Heartbreaks)

India vs New Zealand

भारत और न्यूजीलैंड के बीच जब भी कोई द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) होती है, तो टीम इंडिया अक्सर कीवियों पर भारी पड़ती है। लेकिन जब बात आईसीसी (ICC) के बड़े टूर्नामेंट्स और नॉकआउट मैचों की आती है, तो न्यूजीलैंड की टीम भारत के लिए किसी ‘बुरे सपने’ से कम साबित नहीं हुई है।

  • 2019 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: इस मैच को कौन भूल सकता है? भारत का टॉप ऑर्डर ट्रेंट बोल्ट और मैट हेनरी के आगे ताश के पत्तों की तरह ढह गया था। रवींद्र जडेजा और एमएस धोनी ने जीत की उम्मीद जगाई थी, लेकिन अंत में भारत को 18 रनों से हार का सामना करना पड़ा। यह हार आज भी हर फैन के दिल में चुभती है।

  • 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल: साउथैम्पटन के मैदान पर एक बार फिर भारत खिताब के करीब था, लेकिन काइल जैमीसन की कातिलाना गेंदबाजी और केन विलियमसन की शांत कप्तानी ने भारत से पहला WTC खिताब छीन लिया।

यही वजह है कि इस बार जब भारतीय टीम अहमदाबाद के मैदान पर उतरेगी, तो उनका लक्ष्य सिर्फ ट्रॉफी उठाना नहीं, बल्कि उस 2019 WC revenge को पूरा करना होगा, जिसका इंतजार पूरा देश सालों से कर रहा है।

2. India vs New Zealand Head to Head: आंकड़े क्या कहते हैं?

India vs New Zealand

अगर हम ओवरऑल रिकॉर्ड्स की बात करें, तो दोनों टीमों के बीच हमेशा कांटे की टक्कर रही है। आइए India vs New Zealand head to head के ताजा आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं, जो बताते हैं कि पलड़ा किसका भारी है:

  • वनडे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट में: दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 118 से ज्यादा वनडे मैच खेले जा चुके हैं। इसमें से भारत ने 60 के करीब मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि न्यूजीलैंड ने 50 से ज्यादा मैच जीते हैं। (कुछ मैच बेनतीजा रहे)। यहां भारत का पलड़ा थोड़ा भारी है।

  • टी20 इंटरनेशनल (T20I) क्रिकेट में: फटाफट क्रिकेट में भारत और न्यूजीलैंड लगभग बराबरी पर खड़े नजर आते हैं। दोनों ने एक-दूसरे को कांटे की टक्कर दी है, लेकिन हालिया सीरीज में भारत ने अपने घर में कीवियों को बुरी तरह रौंदा है।

  • आईसीसी (ICC) टूर्नामेंट्स में: यहाँ कहानी थोड़ी बदल जाती है। 2003 के वर्ल्ड कप के बाद से, 2023 तक आईसीसी इवेंट्स में न्यूजीलैंड हमेशा भारत पर डोमिनेट करता आया था। हालांकि, 2023 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर उस ‘जिंक्स’ (पनौती) को तोड़ा था। अब इस 2026 के महामुकाबले में भारत उस जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगा।

3. IND vs NZ Final Records: खिताबी मुकाबलों का इतिहास

क्रिकेट के दिग्गज और पुराने खिलाड़ी हमेशा कहते हैं कि लीग मैच खेलना अलग बात है और फाइनल खेलना बिल्कुल अलग। जब ट्रॉफी सामने रखी हो, तो दबाव दस गुना बढ़ जाता है। अगर हम IND vs NZ final records की बात करें, तो इतिहास गवाह है कि दोनों टीमें जब भी फाइनल में भिड़ी हैं, मैच हमेशा हाई-वोल्टेज रहा है।

सन 2000 में आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी (Champions Trophy) के फाइनल में क्रिस क्रेर्न्स के शतक ने भारत से खिताब छीन लिया था। इसके बाद 2021 WTC फाइनल में भी न्यूजीलैंड ने बाजी मारी। लेकिन, भारत ने भी कीवियों को कई त्रिकोणीय सीरीज (Tri-series) के फाइनल्स में धूल चटाई है।

अब 2026 का यह फाइनल इन दोनों टीमों के इतिहास का सबसे बड़ा मुकाबला होने जा रहा है। आंकड़े भले ही न्यूजीलैंड को नॉकआउट का ‘किंग’ बताते हों, लेकिन टीम इंडिया इस बार इतिहास बदलने के इरादे से उतरेगी।

  • सन 2000 में आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी (Champions Trophy) के फाइनल में क्रिस क्रेर्न्स के शतक ने भारत से खिताब छीन लिया था।

  • इसके बाद 2021 WTC फाइनल में भी न्यूजीलैंड ने बाजी मारी।

  • लेकिन, भारत ने भी कीवियों को कई त्रिकोणीय सीरीज (Tri-series) के फाइनल्स में धूल चटाई है।

अब 2026 का यह फाइनल इन दोनों टीमों के इतिहास का सबसे बड़ा मुकाबला होने जा रहा है। आंकड़े भले ही न्यूजीलैंड को नॉकआउट का ‘किंग’ बताते हों, लेकिन टीम इंडिया इस बार इतिहास बदलने के इरादे से उतरेगी।

4. इस बार पलड़ा भारी क्यों है?

4

अगर हम पुरानी बातों को पीछे छोड़ दें और वर्तमान की बात करें, तो इस फाइनल में टीम इंडिया का पलड़ा न्यूजीलैंड से 80-20 के अनुपात में भारी नजर आ रहा है। इसके पीछे 4 सबसे बड़े और ठोस कारण हैं:

A. खूंखार फॉर्म में हैं ओपनर संजू सैमसन: सेमीफाइनल में संजू सैमसन ने जो रौद्र रूप दिखाया है, उससे न्यूजीलैंड के खेमे में खौफ का माहौल होगा। ओपनिंग में आकर पहली गेंद से अटैक करने की उनकी नीति ने विरोधी टीमों के पावरप्ले प्लान को तहस-नहस कर दिया है। अगर संजू फाइनल में पहले 10 ओवर टिक गए, तो कीवी टीम मैच से बाहर हो जाएगी।

B. बुमराह की आग उगलती यॉर्कर्स: जसप्रीत बुमराह इस वक्त दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज हैं। पुरानी गेंद हो या नई, बुमराह का स्पेल खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए लोहे के चने चबाने जैसा है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के पास बुमराह की स्विंग और यॉर्कर का कोई पुख्ता तोड़ नहीं है।

C. स्पिन का जाल (अक्षर और कुलदीप): अक्षर पटेल न सिर्फ हवा में उड़कर कैच पकड़ रहे हैं, बल्कि पिच से जो टर्न वो निकाल रहे हैं, वो काबिले तारीफ है। अहमदाबाद की पिच हमेशा से स्पिनर्स को थोड़ा सपोर्ट करती है। ऐसे में बीच के ओवरों में भारतीय स्पिनर्स न्यूजीलैंड के मध्यक्रम की कमर तोड़ने के लिए काफी हैं।

D. एक लाख दर्शकों का महा-दबाव: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब 1 लाख 30 हजार दर्शक नीली जर्सी पहनकर एक साथ “वंदे मातरम” और “इंडिया-इंडिया” गाएंगे, तो किसी भी विदेशी टीम के लिए उस दबाव को झेलना नामुमकिन सा हो जाता है। यह ’12वां खिलाड़ी’ (दर्शक) भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

5. फाइनल के 3 सबसे बड़े 'महामुकाबले'

India vs New Zealand

यह फाइनल मैच असल में इन तीन छोटी-छोटी जंगों (Battles) से तय होगा:

  1. संजू सैमसन vs ट्रेंट बोल्ट: बोल्ट की अंदर आती हुई इनस्विंग गेंदों का संजू कैसे सामना करते हैं, यह पावरप्ले का सबसे बड़ा रोमांच होगा।

  2. जसप्रीत बुमराह vs केन विलियमसन/रचिन रवींद्र: बुमराह की गति और न्यूजीलैंड के सबसे शांत और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजों के बीच कांटे की टक्कर होगी।

  3. अक्षर पटेल vs ग्लेन फिलिप्स: बीच के ओवरों में स्पिन के खिलाफ न्यूजीलैंड के पावर हिटर्स कैसे रन बनाते हैं, यह मैच का रुख तय करेगा।

निष्कर्ष : क्या पूरा होगा 140 करोड़ भारतीयों का सपना?

क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन जिस निडरता (Fearless approach) के साथ इस वक्त टीम इंडिया खेल रही है, उसे देखकर लगता है कि 2019 के उस दर्दनाक दिन का हिसाब चुकता करने का समय आ गया है।

आंकड़े और India vs New Zealand head to head रिकॉर्ड्स अपनी जगह हैं, लेकिन अहमदाबाद की पिच पर जब रोहित की सेना उतरेगी, तो उनका लक्ष्य सिर्फ एक होगा—न्यूजीलैंड को हराकर वर्ल्ड कप की वो चमचमाती ट्रॉफी उठाना।

आपकी क्या राय है? क्या टीम इंडिया 2019 का बदला लेकर वर्ल्ड चैंपियन बनेगी? इस फाइनल मुकाबले में कौन सा भारतीय खिलाड़ी ‘मैन ऑफ द मैच’ (Man of the Match) बनेगा? अपनी भविष्यवाणी (Prediction) नीचे कमेंट बॉक्स में तुरंत शेयर करें! 🇮🇳

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top